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4 धाम यात्रा की कर रहे हैं तैयारी तो चंद्रशिला तुंगनाथ उत्तराखंड जाना न भूलें यहाँ है स्वर्ग से भी सुन्दर

चंद्रशिला तुंगनाथ उत्तराखंड

चंद्रशिला तुंगनाथ उत्तराखंड : उत्तराखण्ड में चार धाम यात्रा शुरू करत्ते वक्त आप केदारनाथ के बाद तुंगनाथ जाना बिलकुल भी मत भूलना, जब भी आपका यात्रा का मन हो तब आप सुरक्षा के साथ आएं और चंद्रशिला तुंगनाथ में जरूर घूमें यहाँ गर्मीं के मौसम में भी वातानुकूलित वातावरण की अनुभूति आप कर सकते है।

आपके लिए चंद्रशिला तुंगनाथ उत्तराखंड बेहद ही रोमांचक होने वाला है आपने अगर यह गलती से भी मिस कर दिया तो आपने कुछ नहीं देखा है।  आप अगर यहाँ जाओगे तो आप पाओगे की यहाँ लोगों की संख्या में भारी मात्रा में भीड़ होती है तुंगनाथ मंदिर तक जाने वाला रास्ता आपका बेहद ही इंट्रेस्टिंग होने वाला है यह एक ऐसा इंट्रेस्टिंग है जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते है।

चंद्रशिला तुंगनाथ उत्तराखंड
चंद्रशिला तुंगनाथ उत्तराखंड

 

क्या है ख़ास चंद्रशिला तुंगनाथ उत्तराखंड में

आपको चंद्रशिला तुंगनाथ उत्तराखंड की सबसे ऊँची चोटी पर एक एक छोटा सा मंदिर दिखेगा जो हूबहू बाबा केदारनाथ के मंदिर जैसा दीखता है लेकिन है नहीं आप यह पाएंगे की अगल बगल का इलाका फूलों से जगमगाती है, विशेष रूप से गर्मियों में गुलाबी और लाल रोडोडेंड्रोन भरी होती है। आप यहाँ ट्रेबल करते वक्त आपको ऐसा लगेगा की आप स्वर्ग की यात्रा कर रहें हैं आपके लिए यह बेहद ही मनमोहक होने वाला है। जब यहाँ चंद्रशिला तुंगनाथ उत्तराखंड की लास्ट ऊपर चोटी पर पहुँच जाओगे तो आपको यह यकीन ही नहीं होगा की आप धरती पर हैं आपको सिर्फ सुन्दर से बदल और वहां से दिख रही निचे गहराई में पहाड़ और उनमें बहते झरने नजर आएंगे।

जिसका आनंद आप वहां जाकर ही ले सकते हैं आपका मन ऐसा होगा की यार थोड़ा और रुक जाता/जाती हूँ लेकिन आपका मन वहां से जाने का नहीं करेगा। वहां की हवा आपके शरीर के सारे रोग दूर करने लगेगा आप बीमारी से ग्रस्त हैं तो आप वहां जाकर कुछ समय बिताकर ठीक होने वाले हैं यकीन मानें आप वहां से आने के बाद उस जगह को जरूर मिस करेंगे।

चंद्रशिला तुंगनाथ उत्तराखंड
चंद्रशिला तुंगनाथ उत्तराखंड

जान लें चंद्रशिला तुंगनाथ उत्तराखंड का इतिहास क्या है 

यह चंद्रशिला तुंगनाथ उत्तराखंड पंच केदारों में से एक है ऐसा माना जाता है की प्राचीन युग में यह मंदिर अर्जुन ने बनाया था जिसके चारों तरफ देवी देवताओं के मंदिर मौजूद हैं यह मंदिर लगभग 1000 वर्ष पुराना है और प्राचीन युग से संबंधित है। अर्जुन जो 5 पांडव भाइयों में से हैं उन्होंने यह उत्तर भारतीय शैली की वास्तुकला में बनाया गया था. और यह उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के 3470 मीटर पर है जिसका एक नाम पर्यटकों द्वारा रखा गया है वह है “मून रोक”

जब कौरवों ने पांडवों को हराया था तब पांडव महादेव के पास आशीर्वाद लेने निकल पड़े थे और शिव जी कैलाशों के निवासी है जिनके साथ माता पार्वती यानि शैलपुत्री जिसको पहाड़ की बेटी कहा जाता है वहां निवास करती थी जिनके सन्दर्भ में यह मंदिर बनाया गया था।

चंद्रशिला तुंगनाथ उत्तराखंड
चंद्रशिला तुंगनाथ उत्तराखंड

चंद्रशिला तुंगनाथ उत्तराखंड जाने के लिए रास्ता 

जब भी अपने गंतब्य से केदारनाथ के लिए निकलेंगे तो आपको एक रुद्रप्रयाग में विजिट करना पड़ेगा और सीधा केदारनाथ दर्शन के लिए निकल पडोगे फिर आपको केदारनाथ से वापसी के समय गुप्तकाशी आना है और गुप्तकाशी से रुद्रप्रयाग वाले मार्ग पर 2 किलोमीटर दूर से कुंड नाम वाली जगह से उखीमठ के लिए निकलना है अब आपको सीधा उखीमठ से चोपता के लिए रास्ता पकड़ देना हैं जब आप चोपता पहुँच जाओगे तो वहां से आपको चंद्रशिला तुंगनाथ उत्तराखंड के लिए रास्ता पैदल तय करना होगा इस पैदल रस्ते में आपको बहुत सारी अमेजिंग गतिविधि का सामना कर करेंगे।

चंद्रशिला तुंगनाथ उत्तराखंड
चंद्रशिला तुंगनाथ उत्तराखंड

 

आपको चंद्रशिला तुंगनाथ उत्तराखंड में जाकर कैसा लगा आप हमें जरूर बताएं साथ ही साथ क्या दिक्कतों का आपको सामना करना पड़ा है इसके बारे में हमें जरूर शेयर करें कोई सुझाव हो या ट्रेवल सम्बंधित आपकी स्टोरी हमारे समाचार पोर्टल प्रकाशित करना चाहते हैं तो हमें लिखें जिसका तुरंत उत्तर आपको मिलेगा। अपनी बात हम तक इस लिंक के द्वारा पहुचायें।

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