कामाख्या तंत्र विद्या और सिद्धि के लिए प्रसिद्ध है यहाँ कामरु कामाख्या तिरिया राज के लिए प्रसिद्ध जगह कहा गया है. यहाँ की महिलाएं कामरु कामाख्या का मंत्र का जाप करके पुरुषों को तोता, बिल्ली, कुत्ता आदि पालतू जानवर बनाकर कैद कर देती हैं फिर उनके साथ रात को सम्भोग करती हैं वह ऐसा कामाख्या देवी ब्लीडिंग से मन्त्र साधना करके कर पते हैं. कामख्या देवी मंदिर व आस पास के इलाकों में साधू संत सभी तांत्रिक अपनी साधना के लिए यहाँ रहते हैं कामख्या देवी मंदिर में माँ से मांगी मुराद हमेसा पूरी होती है अकसर लोग यहाँ संतान प्राप्ति का वरदान मांगने आते हैं.

कामरु कामाख्या तिरिया राज

ऐसा कहा जाता है की कामरु कामाख्या तिरिया राज पुराने समय में असम की राजधानी दिसपुर के पास गुवाहाटी से 8 किलोमीटर दूर बसे इस कामाख्या मदिर में साधना हासिल करके पुरुषों को स्त्रियाँ कुत्ता, बिल्ली, तोता, खरगोस आदि बनाकर रखती थीं ऐसा वह इसलिए करती थी की उनसे वह अपनी शरीर की प्यास बुझा सके वह इनको दिन में बंद करके रखती थी और रात को इनके साथ सेक्स करती थीं जिसके कारण उस गांव में पुरुषों की संख्या बहुत कम हुआ करती थी इसलिए कामरू कामाख्या तिरिया राज बहुत प्रचलित है

कामरु कामाख्या का मंत्र

यहाँ कामाख्या देवी से जो भी अपने लिए वर मांगता है वह अवस्य पूरा होता है जिसके लिए कामरू कामख्या का मन्त्र जाप करना होता है वह मन्त्र कामाख्ये कामसम्पन्ने कामेश्वरि हरप्रिये । कामनां देहि मे नित्यं कामेश्वरि नमोऽस्तु ते ॥ है जसके उपयोग से माता खुश हो जाती है कहा जाता है की यह स्थान माता का योनी का स्थान है यहाँ माता रजस्वला होती है इसलिए माता से माँगा हुआ वर कभी खाली नहीं जाता है. यहाँ पर वर्तमान समय में लोग दूर दूर से माता के दर्शन पाने के लिए आते हैं और अपनी इच्छाएं ब्यक्त करती हैं.

कामाख्या देवी ब्लीडिंग

ऐसा कहा जाता है की कामाख्या देवी ब्लीडिंग से पूरी ब्रह्मपुत्र नदी लाल हो जाती है जब यहाँ माता का रजस्वला होने का समय आता है तो यहाँ के लोग इस चमत्कार को देख पाते हैं कामाख्या देवी ब्लीडिंग में 22 जून को मंदिर के कपाट बंद रहते हैं और 26 जून को सुबह मां को स्नान कराने के बाद मंदिर के कपाट खोले दिए जाते हैं। मान्यता है जब अंबुबाची मेला लगता है तब मां कामाख्या रजस्वला रहती हैं। फिर कामाख्या देवी ब्लीडिंग व अंबुबाची योग के दौरान मां दुर्गा के गर्भगृह के कपाट खुद ही बंद हो जाते हैं।

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